निकाय चुनाव में देरी: झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, मुख्य सचिव समेत IAS अफसरों को अवमानना नोटिस | The Palamu Guru

झारखंड हाईकोर्ट सख्त: स्थानीय निकाय चुनाव टालने पर मुख्य सचिव समेत शीर्ष अफसरों को अवमानना नोटिस |

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव अलका तिवारी, वरिष्ठ IAS अधिकारी वंदना दादेल और नगर विकास विभाग के पूर्व सचिव विनय चौबे के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया।

चुनाव में देरी पर अदालत की नाराजगी

यह मामला रांची नगर निगम की पूर्व पार्षद रौशनी खलखो द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। खलखो ने आरोप लगाया कि जनवरी 2024 में हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में चुनाव संबंधी कार्रवाई पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने उसका पालन नहीं किया।

न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता विनोद सिंह ने तर्क रखते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते नगर निगम चुनाव 2020 से और पूरे राज्य में निकाय चुनाव 2023 से लंबित पड़े हैं।

14 अक्टूबर को अगली सुनवाई, अफसरों की होगी पेशी

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 अक्टूबर तय की है। इस दिन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय होंगे। मुख्य सचिव अलका तिवारी बुधवार को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थीं। अदालत ने नगर विकास विभाग के अन्य अधिकारियों, जिनमें ज्ञानेश कुमार शामिल हैं, को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। सभी को अगली तारीख को अदालत में हाजिर होना होगा।

क्यों अटके हैं चुनाव?

झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार हर 5 साल में चुनाव कराना अनिवार्य है।

आखिरी चुनाव अप्रैल 2018 में हुए थे।

हाईकोर्ट ने जनवरी 2024 में 4 महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

लेकिन सरकार ने ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का हवाला देकर चुनाव कराने में देरी की।

चुनाव में देरी से न केवल स्थानीय शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है।

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